OMPRAKASHMEGHAWAL786
Paryavaran mitra
जनवरी 31, 2019
आज हम बहुत ही खुशी के साथ आप सभी को यह बताना चाहते हैं कि आज हम सभी इस महान उत्सव पर हमारे पर्यावरण के लिए कुछ अच्छा करने के लिए एकत्र हुए हैं। आज मुझे बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि आप सभी लोगों के समक्ष मुझे पर्यावरण पर भाषण देने का शुभ अवसर मिला है।
आज अपने आधुनिक युग के आनंद और आराम के कारण हम अपने पर्यावरण को नष्ट करते जा रहे हैं। हम सभी जानते हैं की एक संतुलित पर्यावरण के बिना मनुष्य का जीवन इस धरती पर खत्म भी हो सकता है। परंतु तब भी हम कभी अपने पर्यावरण के संरक्षण के विषय में नहीं सोचते हैं। प्रकृति और पर्यावरण मानव भोजन, पानी, घर जैसी आवश्यक वस्तुएं मनुष्य को प्रदान करता हैं। परंतु इन सभी जरूरतमंद चीजों के बदले हम अपने पर्यावरण को क्या दे रहे हैं? मात्र- प्रदूषण,ग्लोबल वार्मिंग, जैसे बुरी चीजें।
आज सभी मानव संसाधनों को खराब करने के लिए मानव ही जिम्मेदार है। मनुष्य के आधुनिक जीवन शैली के कारण ही प्रकृति पर नकारात्मक प्रभाव हो रहे हैं जिससे अंत में हम मनुष्यों को ही असुविधाओं को झेलना पड़ रहा है। अपने व्यस्त जीवन के कारण हम लोग पर्यावरण की देखभाल को पूर्ण रूप से भूलते जा रहे हैं। अपने वातावरण को अच्छा और स्वस्थ बनाने के लिए और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए हम सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी।
लगातार बढ़ती जनसंख्या सबसे ज्यादा पर्यावरण के विनाश का कारण बन रही है। जैसे जैसे लोग बढ़ रहे हैं लोगों के रहने के लिए घरों की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में मानव ज्यादा से ज्यादा पेड़ काटने लगे हैं। इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चीजें जन्म ले रही हैं। आज पेड़ों को बचाने के लिए समय-समय पर वृक्षारोपण करना बहुत ही आवश्यक है। हम मनुष्यों को यह समझना होगा कि अगर हम एक पेड़ काटते हैं तो उसके बदले कम से कम चार या पांच पेड़ और लगाएं ताकि आने वाले समय में मनुष्य को पेड़ों की कमी ना हो।
हमारी पृथ्वी पर पर्यावरण और जीवन के बीच चल रहे प्राकृतिक चक्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पृथ्वी पर मनुष्य के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है। आज लोगों के साथ-साथ सड़क पर लाखों गाड़ियां दौड़ने लगी हैं जिनके कारण होने वाले प्रदूषण से भी पर्यावरण दूषित हो रहा है। हमें जल्द से जल्द इन तरह तरह के प्रदूषण जैसे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, थर्मल प्रदूषण, को कम करने का प्रयास करना होगा। इसके लिए हमें अपने घरों, मुहल्लों, विद्यालयों से इसकी शुरुआत करनी होगी और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के विषय में जागरुक करना होगा।
परंतु लोगों को जागरूक करने से पहले हमें स्वयं इस बात को समझना और करना होगा कि कैसे हम अपने पर्यावरण की संरक्षण कर सकते हैं। लोगों को पर्यावरण के नकारात्मक प्रभाव जैसे ज्वालामुखी विस्फोट, बाढ़, सुनामी, अकाल/ सुखा पड़ना, मृदा अपरदन,आदि के विषय में समझाना होगा। लोगों को हमें यह भी समझाना होगा की वनों की कटाई, ग्लोबल वार्मिंग, पर्यावरण प्रदूषण, आदि जैसे अन्य प्राकृतिक आपदाएं कैसे उत्पन्न होती हैं और इससे हम पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
जैसे कि हम सब जानते हैं एक अच्छे पर्यावरण से हमें कई प्रकार के लाभ होते हैं। एक अच्छे पर्यावरण से हमें सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा, स्वच्छ सुंदर भोजन और स्वस्थ व सुरक्षित शरीरमिलता है। यदि जल, वायु, मिट्टी नहीं तो पृथ्वी ग्रह पर हम जीवित नहीं रह सकते हैं। आप लोगों ने सुना ही होगा कि हे मानव शरीर पांच तत्वों से बना होता है – हवा, पानी, भूमि, अग्नि, और आकाश। यही मुख्य तत्व हमारे पर्यावरण में भी मौजूद होते हैं
Op kolayat